Short essay on deepawali. Short Essay on Diwali 2018-12-31

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short essay on deepawali

Sunita mishra - happy diwali shayari on 'diwali' is a festival. Essay writers online has provided ultimate solutions for those who think that cooperating with essay writing services is cheating. This festival is celebrated 21 days after Dusshera, and this year Diwali is falling on the 7th of November. Diwali is celebrated in every nook and corner of the country. ये पर्व कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन मनाई जाती है। अमावस्या के दिन बहुत ही अँधेरी रात होती है जिसमें दीवाली पर्व रोशनी फ़ैला ने का काम करती है। वैसे तो इस पर्व को लेकर कई कथाये है लेकिन कहते हैं भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, इस खुशी में अयोध्या वासियों ने दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। बाजारों को दुल्हन की तरह शानदार तरीके से सजा दिया जाता है। इस दिन बाजारों में खासा भीड़ रहती है खासतौर से मिठाइयों की दुकानों पर, बच्चों के लिये ये दिन मानो नए कपड़े, खिलौने, पटाखे और उपहारों की सौगात लेकर आता है। दीवाली आने के कुछ दिन पहले ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई के साथ बिजली की लड़ियों से रोशन कर देते है। दीवाली उत्सव की तैयारी दीवाली के दिन सब बहुत खुश रहते है एक दूसरे को बधाइयां देते है। बच्चे खिलौने और पटाके खरीदते है, दीवाली के कुछ दिन पहले से ही घर में साफ़ सफाई शुरू हो जाती है। लोग अपने घर का सज-सज्जा करते है। लोग इस अवसर पर नए कपड़े, बर्तन, मिठाइयां आदि खरीदते है। देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद आतिशबाजी का दौर शुरु होता है। इसी दिन लोग बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतों को अपनाते है। भारत के कुछ जगहों पर दीवाली को नया साल की शुरुआत माना जाता है साथ ही व्यापारी लोग अपने नया बही खाता से शुरुआत करते है। निष्कर्ष दीपावली, हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली या दीवाली नाम दिया गया। कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह महा पर्व, अंधेरी रात को असंख्य दीपों की रौनक से प्रकाशमय कर देता है। दीवाली सभी के लिये एक खास उत्सव है क्योंकि ये लोगों के लिये खुशी और आशीर्वाद लेकर आता है। इससे बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ ही नया सत्र की शुरुआत भी होती है। दिवाली निबंध 4 500 शब्द प्रस्तावना हिन्दुओं के लिये दीवाली एक सालाना समारोह है जो अक्तूबर और नवंबर के दौरान आता है। इस उत्सव के पीछे कई सारे धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं है। इस पर्व को मनाने के पीछे एक खास पहलू ये है कि, असुर राजा रावण को हराने के बाद भगवान राम 14 साल का वनवास काट कर अयोध्या पहुँचे थे। ये वर्षा ऋतु के जाने के बाद शीत ऋतु के आगमन का इशारा करता है। ये व्यापारियों के लिये भी नई शुरुआत की ओर भी इंगित करता है । दीवाली के अवसर पर लोग अपने प्रियजनों को शुभकामना संदेश के साथ उपहार वितरित करते है जैसे मिठाई, मेवा, केक इत्यादि। अपने सुनहरे भविष्य और समृद्धि के लिए लोग लक्ष्मी देवी की पूजा करते है बुराई को भगाने के लिये हर तरफ चिरागों की रोशनी की जाती है और देवी-देवताओं का स्वागत किया जाता है। दीपावली पर्व आने के एक महीने पहले से ही लोग वस्तुओं की खरीदारी, घर की साफ-सफाई आदि में व्यस्त हो जाते है। दीयों की रोशनी से हर तरफ चमकदार और चकित कर देने वाली सुंदरता बिखरी रहती है। बच्चों की दीवाली इसको मनाने के लिये बच्चे बेहद व्यग्र रहते है और इससे जुड़ी हर गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते है। स्कूल में अध्यापकों द्वारा बच्चों को कहानीयाँ सुनाकर, रंगोली बनवाकर, और खेल खिलाकर इस पर्व को मनाया जाता है। दीवाली के दो हफ्ते पहले ही बच्चों द्वारा स्कूलों में कई सारे क्रियाकलाप शुरु हो जाते है। स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों को पटाखों और आतिशबाजी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते है, साथ ही पूजा की विधि और दीपावली से संबंधित रिवाज आदि भी बताते है। दीपावली 5 दिनों का एक लंबा उत्सव है जिसको लोग पूरे आनंद और उत्साह के साथ मनाते है। दीपावली के पहले दिन को धनतेरस, दूसरे को छोटी दीवाली, तीसरे को दीपावली या लक्ष्मी पूजा, चौथे को गोवर्धन पूजा, तथा पाँचवें को भैया दूज कहते है। दीपावली के इन पाँचों दिनों की अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ है। परम्परा अंधकार पर प्रकाश का विजय यह पर्व लोगों के बिच में प्रेम और एक दूसरे के प्रति स्नेह ले आता है। यह व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों रूप से मनाये जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। हर प्रान्त या क्षेत्र में दीवाली मनाने के तरीके और कारण अलग है, सभी जगह यह त्यौहार पीढ़ियों से चला आ रहा है। लोगों में दीवाली की बहुत उमंग होती है। लोग अपने घरों का कोना-कोना साफ़ करते हैं, नये कपड़े पहनते हैं। लोग एक दूसरे को मिठाइयां तथा उपहार देते है, एक दूसरे से मिलते है। घरों में रंग बिरंगी रंगोलियाँ बनाई जाती है। दीपक जलाये जाते है , आतिशबाजी की जाती है। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई-चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है। निष्कर्ष दीपावली, प्रकाश का पर्व या दूसरा नाम जश्न ए चिराग आदि अनेक नामों से पुकारा जाने वाला यह पर्व प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है। यह पर्व लगातार पांच दिनों तक मनाया जाता है, धनतेरस से शुरुआत होती है और भैयादूज तक रहता है । धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। नरक चतुर्दशी के दिन श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध की खुशियां मनाई जाती हैं। वास्तव में यह त्यौहार हमें अपने मन को प्रकाशित करने का संदेश देता है। दिवाली निबंध 5 600 शब्द प्रस्तावना दीवाली को रोशनी का त्योहार के रुप में जाना जाता है जो भरोसा और उन्नति लेकर आता है। हिन्दू, सिक्ख और जैन धर्म के लोगों के लिये इसके कई सारे प्रभाव और महत्तम है। ये पाँच दिनों का उत्सव है जो हर साल दशहरा के 21 दिनों बाद आता है। इसके पीछे कई सारी सांस्कृतिक आस्था है जो भगवान राम के 14 साल के वनवास के बाद अपने राज्य के आगमन पर मनाया जाता है। इस दिन अयोध्या वासियों ने भगवान राम के आने पर आतिशबाजी और रोशनी से उनका स्वागत किया। हिन्दुओं के सभी पर्वों में दीपावली का महत्व व लोकप्रियता सर्वाधिक है। दीपावली का अर्थ है दीपों की माला। महालक्ष्मी पूजा यह पर्व प्रारम्भ में महालक्ष्मी पूजा के नाम से मनाया जाता था । दीपावली के पहले दिन को धनतेरस या धन त्रेयोंदशी कहते है जिसे माँ लक्ष्मी की पूजा के साथ मनाया जाता है। इसमें लोग देवी को खुश करने के लिये भक्ति गीत, आरती और मंत्र उच्चारण करते है। दूसरे दिन को नारक चतुर्दशी या छोटी दीपावली कहते है जिसमें भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है क्योंकि इसी दिन कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। ऐसी धार्मिक धारणा है कि सुबह जल्दी तेल से स्नान कर देवी काली की पूजा करते है और उन्हें कुमकुम लगाते है। कार्तिक अमावस्या के दिन समुद्र मंथन में महालक्ष्मी का जन्म हुआ। लक्ष्मी धन की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण धन के प्रतीक स्वरूप इसको महालक्ष्मी पूजा के रूप में मनाते आये। आज भी इस दिन घर में महालक्ष्मी की पूजा होती है। तीसरा दिन मुख्य दीपावली का होता है जिसमें माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है, अपने मित्रों और परिवारजन में मिठाई और उपहार बाँटे जाते है साथ ही शाम को जमके आतिशबाजी की जाती है। चौथा दिन गोवर्धन पूजा के लिये होता है जिसमें भगवान कृष्ण की आराधना की जाती है। लोग गायों के गोबर से अपनी दहलीज पर गोवर्धन बनाकर पूजा करते है। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उँगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर अचानक आयी वर्षा से गोकुल के लोगों को बारिश के देवता इन्द्रराज से बचाया था। पाँचवें दिन को हम लोग जामा द्वितीय या भैया दूज के नाम से जानते है। ये भाई-बहनों का त्योहार होता है। अलग देशों में दीवाली का त्योहार ब्रिटेन:-ब्रिटेन में भारतीय की संख्या ज्यादा है। यह पर्व वह भी बहुत धूम धाम से मनाया जाता है। ब्रिटेन में स्वामी नारायण का मंदिर है जहाँ मुख्य रूप से यह त्यौहार मनाया जाता है। मलेशिया:-मलेशिया में दीवाली के दूसरे दिन दूसरे धर्म के लोगों को घर में दावत दी जाती है। मॉरीशस:-मॉरीशस में बड़ी मात्रा में हिंदू रहते हैं। दीपावली के दिन वहां पर सरकारी अवकाश होता है। दीवाली भारत का एक राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्व है। इस त्यौहार को हिन्दू, मुस्लिम ,सिख और ईसाई सभी मिलकर मनाते हैं। दीपावली के दौरान लोग अपने घर और कार्य स्थली की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करते है। आमजन की ऐसी मान्यता है कि हर तरफ रोशनी और खुले खिड़की दरवाजों से देवी लक्ष्मी उनके लिये ढेर सारा आशीर्वाद, सुख, संपत्ति और यश लेकर आएंगी। इस त्योहार में लोग अपने घरों को सजाने के साथ रंगोली से अपने प्रियजनों का स्वागत करते है। नये कपड़ों, खुशबूदार पकवानों, मिठाइयों और पटाखों से पाँच दिन का ये उत्सव और चमकदार हो जाता है। स्वच्छता का प्रतीक दीपावली जहाँ रौनक और ज्ञान का प्रतीक है वही स्वच्छता का प्रतीक भी है। घरों में पिम्स, मच्छर, खटमल, आदि विषैले किटाणु धीरे-धीरे अपना घर बना लेते हैं। मकड़ी के जाले लग जाते है लोग इनकी सफाई करा देते है और घर की रंगाई फर्श की सफाई सब कर देते है। इस दिन हर जगह स्वच्छता ही दिखाई देती है। सबके घरों का एक-एक कोना साफ़ होता है। और रौनक जगमगा उठती है। घी के दिए की खुशबू पूरे वातावरण में फैली होती है। सबके मन में नई ऊर्जा और नया उत्साह जन्म लेता है। लोग अपनी बुराइयों को त्याग कर अच्छे और सच्चे राह पर चलने की कामना करते है। निष्कर्ष गणेश को शुभ शुरुआत के देवता और लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है। इस अवसर पर पटाखे मुख्य आकर्षण हैं। पड़ोसियों, मित्रों और रिश्तेदारों को घरों और मिठाई वितरण में पकाया स्वादिष्ट भोजन दीवाली उत्सव का हिस्सा हैं। लोग सड़कों, बाजारों, घरों और परिवेश में समृद्धि और कल्याण की इच्छा के लिए तेल से भरे प्रकाश की मिट्टी के साथ दीवाली का स्वागत करते हैं। दीवाली की रात को लोग अपने घरों के दरवाजे खुल गए क्योंकि वे देवी लक्ष्मी की यात्रा की उम्मीद करते हैं। दिवाली निबंध 6 700 शब्द प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ सबसे ज्यादा त्योहार मनाये जाते है, यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने उत्सव और पर्व को अपने परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते है। दीवाली हिन्दू धर्म के लिये सबसे महत्वपूर्ण, पारंपरिक, और सांस्कृतिक त्योहार है जिसको सभी अपने परिवार, मित्र और पड़ोसियों के साथ पूरे उत्साह से मनाते है। दीपावली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है। दीपावली, भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपावली कब और क्यों आता है? Happy Diwali 2018 New Short Poems Diwali is here, Diwali is here That genial festival which celebrates victory The ancient festival of myth and mystery That is mentioned in both mythology and history The festival that signals Triumph over Tragedy.

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प्रकाश पर्व दीपावली Hindi Essay on Diwali or Deepawali

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When we dispose of Personal Information, we use reasonable procedures designed to erase or render it unreadable for example, shredding documents and wiping electronic media. Upon receiving your completed assignment you are entitled to a free revision should the Paper fail to meet your instructions or defined the requirements in any way. There are many other sayings about this festival also. On the fifth day of Diwali, Bhai dooj is celebrated, sister invites their brother to their houses and then praise him and tie the sacred thread on his wrist. इलेक्ट्रिक झालरों की जगह दीपों का अधिक उपयोग करके आज के समय में हमें दिवाली पर इलेक्ट्रानिक झालरों के जगह दीपों का अधिक से अधिक उपयोग करने की आवश्यकता है। ऐसा नहीं है कि हमें इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का उपयोग पूर्ण रूप से बंद कर देना चाहिए परन्तु हमें पारंपरिक वस्तुओं से इनका तालमेल बैठाकर सही मात्रा में उपयोग करना चाहिए। यह ना सिर्फ हमारे देश के छोटे व्यापारियों और कुम्हारों को आर्थिक रुप से सुदृढ़ बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य करता है बल्कि दिवाली के पारंपरिक रुप को भी बनाये रखता है। 3.

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152 Words Short Essay on Diwali for kids

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Essay on Diwali English: India is the land of festival and fairs, among these Diwali, is one of the most popular and biggest festivals. Diwali essay in english 150 words, diwali essay in english 200 words, diwali essay in hindi and english, speech on diwali for school, best sentences for diwali. True charity gives joy in Heavenly style. The Diwali has a great significance for the Hindus. Ghar me tarah tarah ke pakwaan banaye jate hai, khana khane ke baad sab patake jalate aur jo log patako se darte hai wo dur se iske maje lete hai. बहन अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर उसकी सलामती की प्रार्थना करती हैं.


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It becomes the symbol of unity. क हते है कि इस दिन भगवान् ने नरकासुर नाम के दैत्य का वध किया था. Nothing 1, 2015 has the 1990 s small rifle netilkami ali pa surplus iz ww2. After dusshera, preparations for Diwali started, people make new clothes for them. Top specialists who have already begun in marathi; collections. Usually, all festivals are celebrated at day, but this festival is celebrated at night so as to drive away the darkness. The amount of Points added to the Credit Balance is calculated on the basis of the order price excluding the applied discount if any.

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Diwali Essay in Hindi

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Diwali Short Stories and Essays on Deepavali

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This day is celebrated in order to commemorate the day when Lord Krishna Ji lifted the Mount Govardhan with his little finger and as Krishna Ji loves cows that why the cow is worshipped on this day. सभी व्यक्ति नए नए कपड़े पहनते और खाने-पीने में मिठाइयां अच्छे-अच्छे पकवान मिलते हैं. यह एक ऐसी त्यौहार है जिसमें पूरे परिवार की भागीदारी होती है. Diwali is celebrated every year on the new moon, and it is one of the most important festivals of Hindus, but people of other religion also commemorate this day such as Jain and Sikh. Gautam Swami also attained complete knowledge on this day, thus making Diwali as one of the most important Jain festivals. Diwali falls every year 20 days after the festival of Dussehra in the month of October or November of every year. Conserve the author of lights is a master's thesis.

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Essay on Diwali In Hindi, English, Marathi

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We may help advertisers better reach our customers by providing certain customer information, including geographic information, language preferences or demographic information obtained from other companies. Shops and houses are white washed. The second day of Diwali is known as Diwali or Narak Chaturdashi, on this day people wear new dresses and decorate their home beautifully, they also make rangoli and footprints in front of their home. Get a Price Quote Despite the urgency factor, the prices of SameDayEssay. Diwali festival is the festival of the whole country. Diwali is not a single festival, but it is a group of festival s as it is a four-day long festival.

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All Essay: Short Essay on 'Diwali' or 'Deepawali' (120 Words)

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Diwali Short Stories and Deepavali Short Essays We have collect Religious Diwali short stories and stories which will tell us why diwali is the most sacred festival of India. एक बात अत्यंत महत्त्वपूर्ण है कि दीपावली पर एक दीये से ही दूसरा दीया जलाया जाता है और यह संदेश स्वतः ही प्रसारित हो जाता है कि- जोत से जोत जलाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो. See Also: Tags Used: essay on diwali for students, short eassy on diwali for students, diwali essay in english 500 words, diwali essay in english 100 words, diwali essay for 2nd class in english, diwali essay for student in english, best diwali essay for student in english. Everyone wish each other a happy Diwali and exchanges gifts and sweets with each other. It falls on the Amavasya of the month of Kartik every year by Hindu calendar and in the last week of October or in the starting days of November by English calendar. Aarakshan ki raat ko manaya jata hai or dipavali, culture critical genre analysis essays, happy diwali.

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